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संभल हादसा 2025: बारात से लौट रही बोलेरो कॉलेज की दीवार से टकराई, दूल्हे समेत 8 की दर्दनाक मौत

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उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 5 जुलाई 2025 को बारात से लौट रही एक बोलेरो गाड़ी अनियंत्रित होकर एक कॉलेज की दीवार से जा टकराई, जिससे दूल्हे समेत कुल 8 लोगों की मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और कुछ शवों की पहचान तक करना मुश्किल हो गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, बोलेरो गाड़ी तेज रफ्तार में थी और चालक का संतुलन बिगड़ गया, जिससे यह सीधा कॉलेज की दीवार से जा भिड़ी।


मौके का मंजर: चीख-पुकार और अफरा-तफरी

दुर्घटनास्थल का दृश्य

हादसे के बाद चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग और राहगीर तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्य में जुट गए। कई शव गाड़ी में फंसे हुए थे जिन्हें गैस कटर से बाहर निकाला गया।

तुरंत पहुंची पुलिस और एम्बुलेंस

घटना की जानकारी मिलते ही संभल पुलिस और आपदा राहत दल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

अस्पताल का दृश्य

घायलों को पास के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 3 लोगों की हालत गंभीर बताई गई है। डॉक्टरों की एक टीम लगातार इलाज में जुटी है।


दूल्हा भी नहीं बच सका: शादी के सपनों पर कहर

कौन था दूल्हा?

हादसे में मृतकों में एक युवक था जो इसी गाड़ी में सवार होकर बारात से लौट रहा था और खुद दूल्हा था। वह हाल ही में शादी करके गांव वापस लौट रहा था।

दुल्हन की हालत

सूत्रों के अनुसार, दुल्हन की हालत सदमे में है और परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। वह अपने पति की अंतिम यात्रा में भी शामिल नहीं हो पाई।


हादसे के कारण क्या रहे?

वाहन की तेज रफ्तार

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बोलेरो बहुत तेज गति से चल रही थी और ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया।

खराब सड़क और मोड़

घटना स्थल एक तीखा मोड़ था, जहां पहले भी हादसे हो चुके हैं। स्थानीय लोग कहते हैं कि उस जगह पर स्पीड ब्रेकर या चेतावनी बोर्ड नहीं है।

चालक की लापरवाही

कई गवाहों ने बताया कि ड्राइवर ने ड्रिंक की हुई थी, हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।


प्रशासन की भूमिका और प्रतिक्रिया

प्रशासन की प्रतिक्रिया

संभल के जिलाधिकारी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख मुआवजा देने की घोषणा की गई है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

स्थानीय विधायकों और नेताओं ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने की बात कही।


स्थानीय लोगों की नाराजगी

हादसे की जगह पर पहले भी हो चुके हैं एक्सीडेंट

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मोड़ पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

सड़क पर सुरक्षा इंतजाम न होने की शिकायत

गांव वालों का कहना है कि न तो वहां स्ट्रीट लाइट है, न ही रिफ्लेक्टर या ब्रेकर, जिससे रात में गाड़ियां अक्सर अनियंत्रित हो जाती हैं।


हादसे से सबक: सड़क सुरक्षा का सवाल फिर उठ खड़ा हुआ

यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि सड़क सुरक्षा को लेकर हमारे सिस्टम में कितनी लापरवाही है। ड्राइवर की लापरवाही हो, या सड़क की खराब दशा – जान हमेशा आम आदमी की ही जाती है।

क्या जरूरी है?

  • सड़क पर चेतावनी बोर्ड और स्पीड ब्रेकर
  • रात्रि रोशनी की व्यवस्था
  • नियमित रोड सेफ्टी ड्राइव्स
  • शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई

दुर्घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

बिंदुविवरण
हादसे की तारीख5 जुलाई 2025
स्थानसंभल, उत्तर प्रदेश
वाहनबोलेरो (बारातियों से भरी)
मृतकों की संख्या8 (दूल्हा समेत)
घायल3 (गंभीर स्थिति में)
प्राथमिक कारणतेज रफ्तार, ड्राइवर की लापरवाही
मुआवजा₹2 लाख प्रति मृतक

एक्सपर्ट कमेंट

डॉ. नवीन कुमार, रोड सेफ्टी एक्सपर्ट कहते हैं:
“भारत में हर साल हजारों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, और इनकी बड़ी वजह तेज रफ्तार और खराब इंफ्रास्ट्रक्चर है। इस घटना से हम सबक लें और सरकार को ज़मीन पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी होगी।”


FAQs: संभल बोलेरो हादसा 2025

प्रश्न 1: हादसा कब और कहां हुआ?

उत्तर: यह हादसा 5 जुलाई 2025 को संभल जिले में हुआ।

प्रश्न 2: बोलेरो में कितने लोग सवार थे?

उत्तर: बोलेरो में कुल 11 लोग सवार थे, जिनमें 8 की मौत हो गई और 3 घायल हैं।

प्रश्न 3: क्या दूल्हा भी मारा गया?

उत्तर: हां, दूल्हा भी इस हादसे में मारा गया है।

प्रश्न 4: प्रशासन ने क्या मदद दी?

उत्तर: प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को ₹2 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा की है।


निष्कर्ष

संभल में हुआ यह बोलेरो हादसा सिर्फ एक समाचार नहीं है, बल्कि यह एक जागरूकता की घंटी है। यह हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि सड़क सुरक्षा, वाहन नियंत्रण, और सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति कैसी है। जब तक सड़कें सुरक्षित नहीं होंगी और ड्राइविंग के नियमों का पालन नहीं किया जाएगा, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे और घरों के चिराग बुझते रहेंगे।


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